16 जनवरी, अमावस्या की रात कर लेंगे ये एक उपाय तो महालक्ष्मी हो जाएंगी प्रसन्न

 

मंगलवार, 16 जनवरी को माघ मास की अमावस्या है, इसे मौनी अमावस्या भी कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार इस दिन तीर्थ राज प्रयाग में देवताओं का निवास होता है। इसीलिए इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस अमावस्या पर मौन रहना, गंगा स्नान करना और दान करने से सभी पापों का असर खत्म हो सकता है। यहां जानिए इस पवित्र दिन कौन से उपाय करने से देवी लक्ष्मी की कृपा मिल सकती है… इस बार माघ की अमावस्या मंगलवार को है। इसे मौनी अमावस्या के साथ ही भौमवती अमावस्या भी कहा जाता है। भौमवती यानी मंगलवार को आने वाली अमावस्या। इस दिन मंगल के उपाय करने से मंगल के दोष दूर हो सकते हैं। मंगल के लिए मसूर की दाल का दान करें।

इस उपाय से महालक्ष्मी हो सकती हैं प्रसन्न

ये है मौनी अमावस्या का महत्व
मौनी अमावस्या के लिए शास्त्रों में बताया गया है कि इस दिन मन, कर्म और वचन यानी बोली से किसी का भी अशुभ नहीं सोचना चाहिए। इस अमावस्या पर मन ही मन ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय या ऊँ नमः शिवाय मंत्र का जाप करते रहना चाहिए। समुद्र मंथन के समय प्रयाग, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में अमृत की बूंदें गिरी थीं, इन स्थानों पर अगर मौनी अमावस्या के दिन जाप, पूजा, स्नान आदि कर्म किए जाए तो अक्षय पुण्य मिलता है। इस दिन स्नान के बाद अपनी शक्ति के अनुसार अन्न, वस्त्र, धन का दान करना चाहिए। इस दिन काले तिल का दान भी कर सकते हैं।

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